कपूरथला शहर में जन्में राजविंदर सिंह के परिवार और जर्मनी के एक राज्य कवि और लेखकों के एक प्रमुख संगठन के रूप में, विरसा विहार कपूरथला में राजविंदर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए राजविंदर सिंह के परिवार और सिरजना केंद्र (रजि.) कपूरथला से संयुक्त रूप द्वारा आयोजित किया गया था।
आईपीएस श्री जसपाल सिंह अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी, दिल्ली), सेवानिवृत्त एसएमओ डॉ. कुलवंत सिंह मच्छीवाड़ा, एनआरआई कुलदीप सिंह और सिमरनजीत सिंह और राजविंद्र के परिवार के सदस्यों के साथ केंद्र से प्रधान डॉक्टर आसा सिंह घुम्मन, जनरल सेक्टरी रोशन खेड़ा, सरप्रस्त कंवर इकबाल सिंह, हरफूल सिंह, प्रिंसीपल प्रीतम सिंह सरगोधिया ,चंडीगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार चंचल मनोहर सिंह आदि ने प्रधान मंडल की शोभा बढ़ाई!
कवि कंवर इकबाल सिंह ने एक अच्छे मंच सचिव के कर्तव्यों का पालन करते हुए बताया कि लगभग 40 साल पहले उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए राजविंदर सिंह ने “रात लम्मी जिंदगी” और “घर परवाज़ ते सरगम” कविताओं का एक संग्रह लिखा था। मातृभाषा पंजाबी जर्मन और स्पेनिश में 15 किताबें लिखने के अलावा, उन्हें जर्मन सरकार द्वारा वर्ष के जर्मन कवि की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
उनकी ग़ज़ल के शेयरो को विभिन्न जर्मन पार्कों में पत्थरों पर उकेरा गया! एक पूर्णकालिक लेखक के रूप में, उन्हें एक मंत्री के रूप में आधिकारिक निवास दिया गया था।जर्मनी में रहने के दौरान, उन्हें जम्मू विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में नौकरी की पेशकश की गई थी।
विभिन्न वक्ताओं ने राजविंदर सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके साथ जुड़ी यादों का वर्णन किया।
अंत में परिवार की ओर से डॉ. कुलवंत सिंह व जसपाल सिंह ने धन्यवाद करते हुए कहा कि पिता करम सिंह द्वारा किए गए अच्छे कार्यों और माता ज्ञान कौर से प्राप्त अपार ज्ञान के कारण ही परिवार के हर सदस्य को विश्व स्तर पर शोभा मिली है।
सिरजना केंद्र के संरक्षक हरफुल सिंह और राजविंदर सिंह के परिवार ने उनकी याद में वार्षिक पुरस्कार देने की घोषणा की है। सिरजना केंद्र द्वारा तय किया गया कि राजविंदर सिंह की एक तस्वीर जल्द ही सिरजना केंद्र के कार्यालय में लगा दी जाएगी!
इस अवसर पर गुरमीत सिंह आयकर अधिकारी जालंधर, सुखविंदर सिंह मथारू बैंक प्रबंधक, डॉ. परमजीत सिंह मानसा, डॉ. अनुराग शर्मा, प्राचार्य प्रोमिला अरोड़ा, प्राचार्य केवल सिंह रत्रा, प्राचार्य सतनाम कौर रत्रा, डॉ. मंजीत कौर पड्डा, परगट सिंह रंधावा, बहादुर सिंह बल, बलवंत सिंह बल, हरदेव सिंह, लखबीर सिंह, आशु कुमरा, शिवानी सिंह, रजनी वालिया, सुखविंदर सिंह मथारू, अमनदीप सिंह, अवतार सिंह, सिमरनजीत सिंह, मास्टर हरजिंदर सिंह, हरराज प्रीत, शरणजीत कौर, दविंदर कौर, सीरत कौर, हरसिमरत कौर, वरुण शर्मा, नवप्रीत कौर और अशोक यादव उपस्थित थे।
Author: Gurbhej Singh Anandpuri
ਮੁੱਖ ਸੰਪਾਦਕ